प्राचीन ज्योतिष शास्त्र से आपकी वृष राशि

वृष शक्तिशाली सींगों के साथ एक उग्र, उत्साही बैल के चित्र को निर्मित करता है। आज के आधुनिक वैदिक ज्योतिष शास्त्र में आपने व्यक्तित्व की कुंडली बनाने के लिए इस वृष राशि का उपयोग प्रेम सम्बन्धों, सौभाग्य, स्वास्थ्य और गूढ़ ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में किया जाता है।

परन्तु इसमें बैल कहाँ से आया?

और आरम्भिक ज्योतिषियों के लिए इसका क्या अर्थ था?

सावधान रहिए! इसका उत्तर देने से आपकी ज्योतिष विद्या अनपेक्षित तरीके से खुल जाएगी – आपको एक अलग ही यात्रा पर ले जाएगी, उस तुलना में जिसका आपने अपनी कुंडली की जाँच करते समय इरादा किया था…

प्राचीन राशि चक्र में, वृष ज्योतिष विज्ञान के बारह नक्षत्रों में से नौवाँ था, जिन्होंने मिलकर एक बड़ी कहानी को निर्मित किया है। हमने प्राचीन ज्योतिष विज्ञान की खोज की और तब हमने देखा कि कन्या से धनु राशि की प्राचीन कुंडलियों ने एक ज्योतिषीय इकाई का गठन किया जिसमें महान उद्धारक और उसके शत्रु के साथ उसके नश्वर संघर्ष का वर्णन किया गया था। मकर से मेष तक कि राशियों ने हमारे लिए इस छुटकारे देने वाले के काम पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक और इकाई को निर्मित किया। वृष तीसरी और अन्तिम इकाई को खोलता है, जो उद्धारक की वापसी और उसकी पूर्ण विजय पर ध्यान केंद्रित करती है। चूंकि यह इकाई एक बैल के साथ खुलती है और एक शेर (सिंह) के साथ बंद होती है, इसलिए यह सामर्थ्य और अधिकार से सम्बन्धित है।

प्राचीन राशि चक्र में, वृष सभी लोगों के लिए थी क्योंकि यह सभी को प्रभावित करने वाली घटनाओं की भविष्यद्वाणी करती है। इसलिए यदि आप आधुनिक कुंडली अर्थ में वृष राशि के नहीं हैं, तौभी आपके लिए वृष राशि के ज्योतिष विज्ञान में पाई जाने वाली प्राचीन कहानी को समझना लाभदायक है।

ज्योतिष विज्ञान में वृष नक्षत्र

वृष (या चिन्ह बैल) मुख्य सींगों वाले एक बैल को बनाने वाले तारों का एक नक्षत्र मण्डल है। वृष राशि के तारों की अवलोकन करें। क्या आप इस चित्र में सींग वाले बैल जैसा कुछ देख सकते हैं?

वृष राशि के तारे

Hयहाँ राशि चक्र के अन्य ज्योतिष विज्ञान आधारित चित्रों के साथ वृष का राष्ट्रीय भूगौलिक केन्द्र की ओर से दिया गया चित्र है। क्या बैल किसी तरह से स्पष्ट होता है?

राष्ट्रीय भूगौलिक केन्द्र के चित्र में वृष

वृष को बनाने वाले तारों को रेखाओं से जोड़कर देखें। क्या आप सींग वाले बैल को अधिक स्पष्ट बना सकते हैं? यह एक अकाशीय अक्षर K जैसा दिखता है।

वृष नक्षत्र मण्डल रेखाओं से जुड़े हुए तारों के साथ

परन्तु यह चिन्ह मानव इतिहास को हम जहाँ तक जानते हैं, उसमें अतीत की ओर वापस चला जाता है। यहाँ पर 2000 साल से अधिक पुराने मिस्र के डेंडेरा मन्दिर में इस राशि चक्र का एक चित्र दिया गया है, जिसमें वैल अर्थात् वृष राशि पर लाल रंग से गोला लगाया हुआ है।

प्राचीन मिस्र के डेंडेरा राशि चक्र चित्र में वृष राशि

पिछले नक्षत्रों की तरह, उत्साही बैल का चित्र स्वयं तारों में नहीं देखा गया था। बल्कि उत्साही बैल का विचार मन में सबसे पहले आया। आरम्भिक ज्योतिषियों ने तब इसे ज्योतिष विज्ञान के माध्यम से तारों पर एक चिन्ह के रूप में गढ़ दिया। इसके बाद से हमारे पूर्वज अपने बच्चों को वृष राशि के नक्षत्र मण्डल के विषय में बता सकते थे और उन्हें उत्साही बैल से जुड़ी हुई कहानी बता सकते थे।

परन्तु क्यों? हमारे पूर्वजों के लिए इसका क्या अर्थ था?

वृष अर्थात् बैल का मूल अर्थ

वृष का चित्र बैल के मुख्य सींगों के साथ दिखाई देता है, नीचा सिर, पर उत्साही। बैल तीव्र क्रोध को दिखाता है – यह उसके रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति को कुचलने के लिए तैयार, तेज और असीम ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हुए दिखाया गया है।

ज्योतिषीय चित्र के रूप में वृष – कृत्तिका अर्थात् प्लीयडीज़ के साथ गोला लगाया हुआ है

वृष राशि के गले के बीच में कृत्तिका अर्थात् प्लीयडीज़ (या सप्‍तर्षि) के रूप में पहचाने जाने वाला तारा समूह को लाल रंग से गोला किया हुआ है। कृत्तिका का सबसे पहला प्रत्यक्ष संदर्भ बाइबल में अय्यूब की पुस्तक से मिलता है। अय्यूब अब्राहम के समय से लगभग 4000 वर्ष पूर्व रहा। वहाँ हम ऐसे पढ़ते हैं कि:

वह सप्‍तर्षि, मृगशिरा और कचपचिया और दक्षिण के नक्षत्रों का बनानेवाला है।

अय्यूब 9:9

इस तरह सृष्टिकर्ता ने कृत्तिका (और इसी तरह से वृष) सहित अन्यों नक्षत्रों को बनाया। वृष राशि के सींग और भजन संहिता के भजन इसे समझने की कुंजी हैं। मसीह को दाऊद के वंश से (पदवी ‘अभिषिक्त’ = ‘मसीह’) आना था। आने वाले मसीह का वर्णन करने वाली चित्रों में से एक चित्र ‘सींग’ का था।

वहाँ मैं दाऊद का एक सींग उगाऊँगा; मैं ने अपने अभिषिक्‍त के लिये एक दीपक तैयार कर रखा है।

.भजन संहिता 132:17

परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली साँड़ का सा ऊँचा किया है; मैं टटके तेल से चुपड़ा गया हूँ।

भजन 92:10

‘सींग’ सामर्थ्य और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता था। अभिषिक्‍त जन (मसीह) दाऊद का सींग था। अपने पहले आगमन में उसने अपना सींग का उपयोग नहीं किया क्योंकि वह एक दास के रूप में आया था। परन्तु ध्यान दीजिए कि उसका दूसरा आगमन कैसा होगा।


बैल का आना

1हे जाति जाति के लोगो, सुनने के लिये निकट आओ, और हे राज्य राज्य के लोगो, ध्यान से सुनो! पृथ्वी भी, और जो कुछ उसमें है, जगत और जो कुछ उसमें उत्पन्न होता है, सब सुनो। 2यहोवा सब जातियों पर क्रोध कर रहा है, और उनकी सारी सेना पर उसकी जलजलाहट भड़की हुई है, उसने उनका सत्यानाश होने, और संहार होने को छोड़ दिया है। 3उनके मारे हुए फेंक दिये जाएँगे, और उनके शवों की दुर्गन्ध उठेगी, उनके लहू से पहाड़ गल जाएँगे। 4आकाश के सारे गण जाते रहेंगे और आकाश कागज के समान लपेटा जाएगा। जैसे दाखलता या अंजीर के वृक्ष के पत्ते मुर्झाकर गिर जाते हैं, वैसे ही उसके सारे गण धुँधले होकर जाते रहेंगे। 5क्योंकि मेरी तलवार आकाश में पीकर तृप्‍त हुई है; देखो, वह न्याय करने को एदोम पर, और जिन पर मेरा शाप है उन पर पड़ेगी। 6यहोवा की तलवार लहू से भर गई है, वह चर्बी से और भेड़ों के बच्‍चों और बकरों के लहू से, और मेढ़ों के गुर्दों की चर्बी से तृप्‍त हुई है। क्योंकि बोस्रा नगर में यहोवा का एक यज्ञ और एदोम देश में बड़ा संहार हुआ है। 7उनके संग जंगली साँड़ और बछड़े और बैल वध होंगे, और उनकी भूमि लहू से भीग जाएगी और वहाँ की मिट्टी चर्बी से अघा जाएगी। 8क्योंकि पलटा लेने को यहोवा का एक दिन और सिय्योन का मुक़द्दमा चुकाने का एक वर्ष नियुक्‍त है।

यशायाह 34:1-8

तारों का विलय ठीक वैसा ही होगा जैसा यीशु ने कहा था कि यह उसकी वापसी का संकेत होगा। भविष्यद्वक्ता यशायाह (700 ईसा पूर्व) उसी घटना की भविष्यद्वाणी कर रहा है। यह आने वाले न्याय के समय का – धार्मिकता के साथ संसार का न्याय करने के लिए मसीह के आने के समय या घड़ी का वर्णन कर रहा है। इसे आकाश में वृष राशि के साथ चित्रित किया गया है, और इसे पुस्तक में लिखा गया है। वह न्यायी बनकर आ रहा है।

वृष राशिफल

भविष्यद्वाणी के लेख वृष के ‘होरो’ अर्थात् घड़ी को इस तरह से चिह्नित करते हैं।

6फिर मैं ने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा, जिसके पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, और कुल, और भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था। 7उसने बड़े शब्द से कहा, “परमेश्‍वर से डरो, और उसकी महिमा करो, क्योंकि उसके न्याय करने का समय आ पहुँचा है; और उसका भजन करो, जिसने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जल के सोते बनाए।”

प्रकाशितवाक्य 14:6-7

भविष्यद्वाणी के लेखों का कहना है कि यह समय अर्थात् घड़ी आएगी और यह वह घड़ी आ पहुँची है, जो प्राचीन ज्योतिषीय कुंडली में वृष राशि को चिह्नित करती है।

आपका वृष राशि को पढ़ना

आप और मैं आज वृष राशिफल पढ़कर निम्निलिखित तरीके से लागू कर सकते हैं।

वृष आपको बताता है कि अंत इतने बड़े धमाके के साथ आएगा कि आसमान की सारी ज्योतियाँ बुझ जाएगी। किसी भी तारे के साथ ज्योति देने के लिए उसके आसपास कोई ग्रह भी नहीं होगा। इसलिए सबसे अच्छा है कि जब तक ज्योति का उजाला पाया जाता है तब तक अपने समय का सदुपयोग करें। आरम्भ करने के लिए सबसे अच्छा स्थान नम्रता के अपने गुण पर काम करना है क्योंकि परमेश्वर घमण्डियों का विरोध करता है, परन्तु दीनों को अनुग्रह देता है। दूसरे शब्दों में, आपके घमण्ड़ और उसके बीच में कोई तुलना नहीं है। और उसके आगमन की आवाज़ से ही आप उस घड़ी उससे दया पाने की खोज में होंगे। एक गुण जिसे उस घड़ी में परखा जाएगा वह यह है कि आप उससे प्रेम करते हैं या नहीं। आप कैसे जानते हैं कि आप उससे प्रेम करते हैं? उसके अनुसार, यदि आप उसकी आज्ञाओं का पालन करते हैं, तो आप उससे प्रेम करते हैं। कम से कम, उसकी आज्ञाओं की पालन करने का अर्थ है कि उन्हें जानना और उन्हें अपने जीवन में लागू करना।

एक दूसरे से प्रेम करना एक और ऐसा गुण है, जिसे वह अत्याधिक महत्व देता है। इसमें कोई सन्देह नहीं है कि, प्रेम क्या होता है, के बारे में उसका विचार आपसे भिन्न हो, इसलिए आप जानना चाहेंगे कि वह सच्चे प्रेम के विषय में क्या कहता है। प्रेम के विषय में उसका विचार आपको किसी भी सम्बन्ध में, चाहे आप काम पर हो, या घर पर हो या आप किसी के साथ रोमांस में ही क्यों न हो, आपको अधिक दूर तक ले जाएगा। उसने इसके बारे में बहुत कम बात की है कि प्रेम आपको कैसा महसूस कराता है, परन्तु इसके बारे में अधिक बात की है कि कि प्रेम आपको क्या करने और क्या नहीं करने के लिए विवश करता है। उसने कहा कि प्यार धैर्य रखता है और कृपालु होता है और ईर्ष्या नहीं करता है, यह घमण्ड नहीं करता है, और अभिमान नहीं करता है। इन गुणों को अपने जीवन में उतारने का अभ्यास करना आपको वृष राशि के लिए तैयार करने में मदद करेगा। एक अन्तिम विचार के रूप में, यह जानने के लिए उन बातों को खोल सकता है कि ‘अनन्त सुसमाचार’ क्या होता है, जिसे स्वर्गदूत को सभी जातियों में घोषित करना था।

राशि चक्र की कहानी में आगे बढ़ना और वृष राशि की गहराई में उतरना

वृष राशि में न्याय का चित्रण किया हुआ है। मिथुन इस इस चित्र को प्रगट करेगा कि जो लोग इस न्याय में होकर जाते हैं उनके साथ क्या घटित होगा। प्राचीन ज्योतिष विज्ञान की कहानी के आधार पर यहाँ से जानकारी लें। कहानी की शुरुआत कन्या राशि से हुई है।

परन्तु वृश्चिक राशि चक्र सम्बन्धित बातों को गहराई को समझने के लिए निम्निलिखित को देखें